छठ महापर्व के दौरान लखनऊ के एक घाट पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों ने मिसाल पेश की। पूजा के बीच भीड़ में जब एक बच्चा रोने लगा, तो पुलिसकर्मी ने बिना हिचक बच्चे को गोद में उठा लिया और माँ से पूजा जारी रखने को कहा । त्योहार की भीड़ में जहां पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में जुटी रही, वहीं इस ममता भरे पल ने खाकी की मानवीय छवि को उजागर किया। “

खाकी सिर्फ अनुशासन नहीं, संवेदना की भी प्रतीक है 

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