श्रीमद भागवत कथा महोत्सव धर्मयात्रा महासंघ संकीर्तन मंडल विश्व हिंदू परिषद के तात्वाधान मे A to Z चौराहे पर स्थित बंधन पैलेस मे पावन पित्र पक्ष मे 14 सितम्बर से चल रही सप्त दिवसीय सनातन धर्म की अनमोल धरोहर श्रीमद भागवत कथा के विश्राम दिवस की पावन बेला मे कथा व्यास पूज्य श्री अभिषेक भाई जी द्वारा सभी भक्तों को मंगलमयी पतित पावनी श्री मद भागवत कथा का रसपान कराते हुए श्री कृष्ण सुदामा प्रेम चरित्र के अंतर्गत भगवान ने किस प्रकार अपने नेत्रों की जलधारा से सुदामा के चरणों को पखारा, उस दृश्य का इतना सुंदर वर्णन किया गया कि सभी भक्त भाव विभोर हो गए। बाहरवें स्कंध का वर्णन करते हुए किस प्रकार तक्षक ने राजा परीक्षित जी को डसा और वे शुकदेव जी के सानिध्य मे प्रभु के धाम को पधारे तथा भगवान श्री कृष्ण समस्त यदुवंशियों को मोक्ष प्रदान करते हुए बहेलिए के द्वारा बाण लगने से अपनी लोकलीला पूर्ण कर परम ज्योति के रूप मे श्रीमद् भागवत मे समाहित हो गए। और यही कारण है कि इस ग्रंथ को भागवत भगवान के नाम से पुकारा जाता है।कथा के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि साधक को चाहिए कि सदैव साधु संतों का संग करता रहे क्यों कि जहां उनका संग तो परम हितकारी होता ही है, उनका क्रोध भी कल्याणकारी ही होता है। साथ ही साधक को ब्राह्मण के क्रोध से हमेशा बचना चाहिए क्योंकि उनके क्रोध करने से परमात्मा रूष्ट हो जाते हैं। व्यास जी द्वारा सभी को मंगलमय शुभकामनाओं के साथ आशीर्वाद प्रदान किया गया। व्यास पीठ पूजन के साथ कथा का विश्राम हुआ। कल हवन यज्ञ के उपरांत भंडारे का आयोजन किया जाएगा सभी भक्तजन सादर आमंत्रित हैं।कथा विश्राम के उपरांत संचालक शिशुकांत गर्ग, एड., पी डी गौतम, द्वारा धर्मयात्रा महासंघ संकीर्तन मंडल विश्व हिंदू परिषद की और से व्यास पीठ को नमन करते हुए सभी भक्त श्रोताओं एवं सहयोगिजनों का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया जिन्होंने अपनी निष्ठायुक्त भावपूर्ण मंगलमयी उपस्थिति से कथा अनुष्ठान को सफल बनाने मे भरपूर योगदान दिया।कथा को सफल बनाने मे मुख्य यजमान श्रीमती सुमन सिंघल जी, श्री राजेश सिंघल जी, श्री नरेश गोयल जी, श्री विनोद जलोत्रा जी, श्री प्रमोद अग्रवाल जी, श्री ओमवीर सिंह जी, श्री अशोक तायल जी, श्री मनीष जी, श्री प्रफुल्ल मेहरा जी , श्री अशोक गोयल जी, श्री सुनील कुमार गर्ग जी, श्री पवन तायल जी, श्री राज कुमार गर्ग जी, श्री दिवांशु गौड़ जी, श्री संजय गुप्ता जी, श्री सतीश कौशिक जी, श्री हरि वर्मा जी, श्री गोपीनाथ जी, श्रीमती रश्मि अग्रवाल जी, श्रीमती अर्चना शर्मा जी आदि का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ है। शिशुकांत गर्ग संरक्षक धर्मयात्रा महासंघ संकीर्तन मंडल

श्रीमद भागवत कथा महोत्सव धर्मयात्रा महासंघ संकीर्तन मंडल विश्व हिंदू परिषद के तात्वाधान मे A to Z चौराहे पर स्थित बंधन पैलेस मे पावन पित्र पक्ष मे 14 सितम्बर से चल रही सप्त दिवसीय सनातन धर्म की अनमोल धरोहर श्रीमद भागवत कथा के  विश्राम दिवस की पावन बेला मे कथा व्यास पूज्य श्री अभिषेक भाई जी द्वारा सभी भक्तों को मंगलमयी पतित पावनी श्री मद भागवत कथा का रसपान कराते हुए श्री कृष्ण सुदामा प्रेम चरित्र के अंतर्गत भगवान ने किस प्रकार अपने नेत्रों की जलधारा से सुदामा के चरणों को पखारा, उस दृश्य का इतना सुंदर वर्णन किया गया कि सभी भक्त भाव विभोर हो गए। बाहरवें स्कंध का वर्णन करते हुए किस प्रकार तक्षक ने राजा परीक्षित जी को डसा और वे शुकदेव जी के सानिध्य मे प्रभु के धाम को पधारे तथा भगवान श्री कृष्ण समस्त यदुवंशियों को मोक्ष प्रदान करते हुए बहेलिए के द्वारा बाण लगने से अपनी लोकलीला पूर्ण कर परम ज्योति के रूप मे श्रीमद् भागवत मे समाहित हो गए। और यही कारण है कि इस ग्रंथ को भागवत भगवान के नाम से पुकारा जाता है।कथा के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि साधक को चाहिए कि सदैव साधु संतों का संग करता रहे क्यों कि जहां उनका संग तो परम हितकारी होता ही है, उनका क्रोध भी कल्याणकारी ही होता है। साथ ही साधक को ब्राह्मण के क्रोध से हमेशा बचना चाहिए क्योंकि उनके क्रोध करने से परमात्मा रूष्ट हो जाते हैं। व्यास जी द्वारा सभी को मंगलमय शुभकामनाओं के साथ आशीर्वाद प्रदान किया गया। व्यास पीठ पूजन के साथ कथा का विश्राम हुआ। कल हवन यज्ञ के उपरांत भंडारे का आयोजन किया जाएगा सभी भक्तजन सादर आमंत्रित हैं।कथा विश्राम के उपरांत संचालक शिशुकांत गर्ग, एड., पी डी गौतम, द्वारा धर्मयात्रा महासंघ संकीर्तन मंडल विश्व हिंदू परिषद की और से व्यास पीठ को नमन करते हुए सभी भक्त श्रोताओं एवं सहयोगिजनों का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया जिन्होंने अपनी निष्ठायुक्त भावपूर्ण मंगलमयी उपस्थिति से कथा अनुष्ठान को सफल बनाने मे भरपूर योगदान दिया।कथा को सफल बनाने मे मुख्य यजमान श्रीमती सुमन सिंघल जी, श्री राजेश सिंघल जी, श्री नरेश गोयल जी, श्री विनोद जलोत्रा जी, श्री प्रमोद अग्रवाल जी, श्री ओमवीर सिंह जी, श्री अशोक तायल जी, श्री मनीष जी, श्री प्रफुल्ल मेहरा जी , श्री अशोक गोयल जी, श्री सुनील कुमार गर्ग जी, श्री पवन तायल जी, श्री राज कुमार गर्ग जी, श्री दिवांशु गौड़ जी, श्री संजय गुप्ता जी, श्री सतीश कौशिक जी, श्री हरि वर्मा जी, श्री गोपीनाथ जी, श्रीमती रश्मि अग्रवाल जी, श्रीमती अर्चना शर्मा जी आदि का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ है। शिशुकांत गर्ग संरक्षक धर्मयात्रा महासंघ संकीर्तन मंडल

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