नवरात्रि के पावन पर्व पर संजय मिश्रा एवं पुत्र राघव मिश्रा एवं कुंज ने माता रानी की पूजा-अर्चना की तथा आप हम सभी भक्तों को माँ भगवती जगदम्बा की आराधना व उपासना के पावन पर्व शारदीय नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!मां से मेरी यही कामना है कि आप हम सभी के जीवन को सुख, स्वास्थ्य और सौभाग्य का आशीर्वाद प्रदान करें, जय माता दी!नवरात्र केवल उपवास या अनुष्ठान का अवसर नहीं, अपितु आत्मशक्ति के संचित का महापर्व है। आदिशक्ति दुर्गा के नवरूपों की आराधना से साधक अपने भीतर सुप्त सामर्थ्य को जाग्रत कर जड़ता का नाश करता है। यह काल आत्मशोधन का यज्ञ है, जिसमें उपवास संयम का प्रतीक है, जप-तप चित्त की एकाग्रता का साधन है और देवी-पूजन दिव्य ऊर्जा के आवाहन का माध्यम है। नवरात्र साधक को स्मरण कराता है कि श्रद्धा और साधना के दीप से आलोकित जीवन ही असुर प्रवृत्तियों का विनाश कर सकता है। अतः यह पर्व मनुष्य को दिव्यतेजस्विता से अभिसिंचित करता है।जय मां भवानी जय माता दी

नवरात्रि के पावन पर्व पर संजय मिश्रा एवं  पुत्र राघव मिश्रा एवं कुंज ने माता रानी की पूजा-अर्चना की तथा 
आप हम सभी भक्तों को माँ भगवती जगदम्बा की आराधना व उपासना के पावन पर्व शारदीय_नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!
मां से मेरी यही कामना है कि आप हम सभी के जीवन को सुख, स्वास्थ्य और सौभाग्य का आशीर्वाद प्रदान करें, जय माता दी!
नवरात्र केवल उपवास या अनुष्ठान का अवसर नहीं, अपितु आत्मशक्ति के संचित का महापर्व है। आदिशक्ति दुर्गा के नवरूपों की आराधना से साधक अपने भीतर सुप्त सामर्थ्य को जाग्रत कर जड़ता का नाश करता है। यह काल आत्मशोधन का यज्ञ है, जिसमें उपवास संयम का प्रतीक है, जप-तप चित्त की एकाग्रता का साधन है और देवी-पूजन दिव्य ऊर्जा के आवाहन का माध्यम है। नवरात्र साधक को स्मरण कराता है कि श्रद्धा और साधना के दीप से आलोकित जीवन ही असुर प्रवृत्तियों का विनाश कर सकता है। अतः यह पर्व मनुष्य को दिव्यतेजस्विता से अभिसिंचित करता है।
जय मां भवानी जय माता दी

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